For Goat & Sheep : Online Training - Offline Basic Training-Offline Sponge & Ai Training , Sponge Order : Whatsapp 8079043733
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कर-कमलों द्वारा उनके संस्थान “निसार इंडियन” को एमओयू (MoU) प्रदान किया गया।
📕Nisar Indian🖍️🖍️ BHARAT AGRO FOUNDATION & NISAR INDIAN GOAT AND SHEEP TRAINING AND RESEARCH CENTER , MODAWASI, CHURU, RAJASTHAN - 331023 https://nisarindia.com/spong-technique Call and Whatsapp for Training and Sponge kit : 080790 43733
NEWS
NISAR INDIAN
7/17/20261 min read


आईसीएआर के 98वें स्थापना दिवस पर चूरू के निसार ख़ान को बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली/चूरू। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 98वें स्थापना दिवस समारोह में राजस्थान के चूरू जिले की राजगढ़ तहसील के गाँव मोड़ावासी निवासी श्री निसार ख़ान को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कर-कमलों द्वारा उनके संस्थान “निसार इंडियन” को एमओयू (MoU) प्रदान किया गया।
इस एमओयू के तहत अब “मद्द उद्दीपन एवं समकालनीकरण हेतु अंतः योनि स्पंज (Intravaginal Sponge)” का निर्माण निसार इंडियन संस्थान में किया जाएगा। इस तकनीक का अविष्कार CIRG मथुरा के सुप्रशिद्ध वर्तमान निर्देशक श्री डॉ मनीष कुमार चेटली ( Dr. Manish Kumar Chatli ) की देखरेख में उनके वैज्ञानिको की टीम Dr. M. K. Singh , Dr. Yogesh Kumar Soni, Dr. Ravi Ranjan, Dr. Mukesh Bhakat, Dr. S.P. Singh, Dr. S.D. Kharche, Dr. A.K. Goel, Dr. Gayathari S Lal ने यह तकनीक विकशित की है जो भेड़ एवं बकरी पालन में प्रजनन प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाएगी।
इस तकनीक की सहायता से पशुपालक अपनी भेड़-बकरियों में मनचाहे समय पर एक साथ प्रजनन एवं बच्चों का जन्म सुनिश्चित कर सकेंगे। इससे प्रतिकूल मौसम या अनुपयुक्त समय में जन्म लेने वाले बच्चों की मृत्यु दर में कमी आएगी तथा एक समान आयु के बच्चों का पोषण, टीकाकरण, उपचार एवं संपूर्ण प्रबंधन अधिक आसान और व्यवस्थित हो सकेगा।
यह उपलब्धि न केवल निसार इंडियन संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राजस्थान सहित देशभर के भेड़-बकरी पालकों के लिए भी आधुनिक पशुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक के व्यापक उपयोग से पशुपालकों की उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।








